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अष्ट सिद्धियाँ वे अलौकिक शक्तियां हैं जो व्यक्ति को असाधारण मनुष्य बनाती हैं। सभी भगवान अणिमा आदि सभी सिद्धियों को देने में समर्थ हैं। लेकिन हमें इन सिद्धियों को पाने में समय व्यर्थ नहीं करना चाहिए। हमें केवल मोक्ष या भगवत्प्राप्ति के मार्ग पर अग्रसर होना चाहिए। क्योंकि उस मार्ग पर चलते-चलते आपको स्वतः ही सिद्धियाँ प्राप्त हो जायेंगी।
अष्ट सिद्धियाँ क्या हैं ?
आठ सिद्धियाँ इस प्रकार हैं:
- अणिमा — अत्यंत सूक्ष्म हो जाने की क्षमता; अपना आकार परम सूक्ष्म (अणु जैसा) कर लेना।
- महिमा — अत्यंत विशाल हो जाने की क्षमता; शरीर/रूप को बहुत बड़ा करना।
- गरिमा — अत्यंत भारी हो जाने की शक्ति; अपना भार बहुत बढ़ा देना।
- लघिमा — भारशून्य/अत्यंत हल्का हो जाने की शक्ति; हवा में तैरने जैसा।
- प्राप्ति — किसी भी वस्तु/स्थान तक स्वाभाविक रूप से पहुँचने की क्षमता (दूरस्थ प्राप्ति)।
- प्राकाम्य — अपनी इच्छा के अनुसार किसी बात को साकार कर पाने की क्षमता; इच्छापूर्ति।
- ईशित्व — प्रभुत्व/सत्तात्मक नियंत्रण; किसी पर अधिकार का भाव।
- वशित्व — प्रति चीज़/प्राणी को वश में करने की शक्ति, आकर्षित करना या नियंत्रित करना।
