एक ब्राह्मण अनुष्ठान (अनुष्ठान से नेत्र ज्योति प्राप्ति) कर रहे हैं। उनके सामने तुलसी, दीपक, पुष्प आदि सभी पूजा की आवश्यक सामग्री रखी हुई है।
शास्त्र और संत संतों के अनुभव

अनुष्ठान से एक ब्राह्मण ने नेत्रहीन को ज्योति दी