शेंदुर लाल चढ़ायो आरती भगवान गणेश को समर्पित है। इस आरती को विशेषकर गणेश चतुर्थी और अन्य गणेश-संबंधी त्योहारों के दौरान भक्त गाते हैं। आरती में भगवान गणेश को शेंदूर (सिंदूर) अर्पित करने की रस्म का वर्णन किया गया है, जो पवित्रता, भक्ति और दैवीय ऊर्जा का प्रतीक है।

शेंदुर लाल चढ़ायो आरती (Shendur Lal Chadhayo Lyrics in Hindi)
शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुख को।
दोन्दिल लाल बिराजे सुत गौरिहर को।
हाथ लिए गुड लड्डू सांई सुरवर को।
महिमा कहे ना जाय लागत हूँ पद को॥१॥
जय देव जय देव जय जय श्री गणराज विद्यासुखदाता।
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता॥ जय देव जय देव
अष्टौ सिद्धि दासी संकट को बैरी।
विघ्न विनाशन मंगल मूरत अधिकारी।
कोटी सूरज प्रकाश ऐसे छबी तेरी।
गंडस्थल मदमस्तक झूल शशि बहरी॥२॥
जय देव जय देव
जय जय श्री गणराज विद्यासुखदाता।
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता॥
जय देव जय देव
भावभगत से कोई शरणागत आवे।
संतति संपत्ति सबही भरपूर पावे।
ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे।
गोसावीनंदन निशिदिन गुण गावे॥३॥
जय देव जय देव
जय जय श्री गणराज विद्यासुखदाता।
धन्य तुम्हारो दर्शन मेरा मन रमता॥
जय देव जय देव
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