बांके बिहारी की आरती: श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं (Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun) भगवान श्री कृष्ण की एक बहुत ही प्रसिद्ध आरती है। इसके रचयिता महान संत स्वामी श्री हरिदास जी हैं। उनकी भक्ति इतनी सच्ची थी कि उन्होंने अपने प्रेम से साक्षात बांके बिहारी जी को प्रकट कर लिया था। यह आरती मुख्य रूप से वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में और जन्माष्टमी जैसे खास त्योहारों पर बहुत श्रद्धा के साथ गायी जाती है।
श्री बांके बिहारी की आरती: श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं | Shri Banke Bihari Teri Aarti Gaun
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं,
हे गिरिधर तेरी आरती गाऊं।
आरती गाऊं प्यारे आपको रिझाऊं,
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं।
बाल कृष्ण तेरी आरती गाऊं॥
मोर मुकुट प्यारे शीश पे सोहे।
प्यारी बंसी मेरो मन मोहे।
देख छवि बलिहारी मैं जाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥
चरणों से निकली गंगा प्यारी,
जिसने सारी दुनिया तारी।
मैं उन चरणों के दर्शन पाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥
दास अनाथ के नाथ आप हो।
दुःख-सुख जीवन प्यारे साथ आप हो।
हरी चरणों में शीश झुकाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥
श्री हरीबाबा के प्यारे तुम हो।
मेरे प्यारे जीवन धन हो।
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥
हे गिरधारी तेरी आरती गाऊं।
श्री बांके बिहारी तेरी आरती गाऊं॥
मनन गोपाल तेरी आरती गाऊं,
कुञ्ज बिहारी तेरी आरती गाऊं।
श्याम सुन्दर तेरी आरती गाऊं॥
