Bhagvadbhakti » भक्ति सामग्री » आरती » सुखकर्ता दुखहर्ता आरती

सुखकर्ता दुखहर्ता आरती

सुखकर्ता दुखहर्ता का शाब्दिक अर्थ “सुख देकर दुख हरने वाला” है। सुखकर्ता दुखहर्ता आरती का गणेश चतुर्थी के दौरान विशेष महत्व है। इस त्यौहार में भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना और विसर्जन के समय यह आरती गाई जाती है। भगवान गणेश के कई भक्त अपनी दैनिक पूजा में भी इस आरती का पाठ करते हैं, ताकि वे भगवान गणेश की कृपा प्राप्त कर सकें और उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहे।

एक मंदिर में सुखकर्ता दुखहर्ता श्री गणेश की खूबसूरती से सजी मूर्ति के समक्ष पुजारी आरती (Sukhkarta dukhharta full aarti lyrics) कर रहे हैं; उनके हाथ में पीतल के दीये हैं और आसपास गेंदा की मालाएँ, अगरबत्ती का धुआँ तथा पीतल की थाली पर रखे प्रसाद दिखाई दे रहे हैं।

सुखकर्ता दुखहर्ता आरती

सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नांची।
नुरवी; पुरवी प्रेम, कृपा जयाची॥
सर्वांगी सुंदर, उटी शेंदुराची।
कंठी झळके माळ, मुक्ताफळांची॥१॥

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति
जय देव जय देव।

रत्नखचित फरा, तुज गौरीकुमरा।
चंदनाची उटी, कुमकुम केशरा॥
हिरेजडित मुकुट, शोभतो बरा।
रुणझुणती नूपुरे, चरणी घागरिया॥२॥

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति
जय देव जय देव।

लंबोदर पीतांबर, फणिवरबंधना।
सरळ सोंड, वक्रतुंड त्रिनयना॥
दास रामाचा, वाट पाहे सदना।
संकटी पावावे, निर्वाणी रक्षावे, सुरवरवंदना॥३॥

जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति
दर्शनमात्रे मनः कामना पूर्ति
जय देव जय देव।

सम्बंधित पोस्ट

सुखकर्ता दुखहर्ता आरती का वीडियो

अन्य आरती

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top